✝️अन्त निकट है✝️
अमोस 8:2
कुछ भविष्यवाणियाँ जो लाकँ डाउन के द्वारा पूरी प्रतित होती हुई दिखाई देती हैं | शुरु हुई 20-03-2020
और आज की तारिक तक कायम हैं
1- अराधनालय मे गीत बन्द
हो जाएगे | अमोस 8:3
2- लोथे हर जगह फेक दी
जाएंगी | अमोस 8:3
3- भूमि कांपेगी और सब
विलाप करेंगें |
अमोस 8:8
4- तुम्हारे परबों के उत्सव
दूर होगे,
जैसे: खजूर रविवार, पैर
धोने की रस्म Maundy
शुभ शुक्रवार, ईस्टर
रविवार |
अमोल 8:10
5- परमेश्वर के वचन को
सुनने का अकाल और
अाराधनालयों में
अाराधना बन्द |
अमोल 8:11
6- सुन्दर कुवारीयां और
जवान पुरुष निरूत्साहित
होगा | अमोस 8:13
7- विवाह स्थल बन्द, न कोई
हर्ष न आनन्द का शब्द |
यिमयाह 16:9
8- लोथ भूमि पर खाद की
तरह पड़े रहगे |
यिमयाह 16:4
9- मृत्यु के लिए कोई
सांत्वना नही न शांति की
प्रार्थना, प्रार्थना सभाऐं
बन्द | यिमयाह 16:17
10- अकेला बैठना
यिमयाह 15:17
11- अपने कोठरी के
किवाड़ो को बन्द करो
यशायाह 26:20
12- मनुष्यों की घमड़ी
आँखें और घमंड दूर
किया जाएगा |
यशायाह 2:11
उपरोक्त घटनाएं वर्तमान की स्थिति को वचन के द्वारा प्रामाणित करती हैं | और प्रभु ने कहा जो वचन मेरे मुख से निकलता है वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लाैटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिए मैं ने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा!!
यशायाह 55:11
यीशु मसीह ही प्रभु हैं |
कुछ भविष्यवाणियाँ जो लाकँ डाउन के द्वारा पूरी प्रतित होती हुई दिखाई देती हैं | शुरु हुई 20-03-2020
और आज की तारिक तक कायम हैं
1- अराधनालय मे गीत बन्द
हो जाएगे | अमोस 8:3
2- लोथे हर जगह फेक दी
जाएंगी | अमोस 8:3
3- भूमि कांपेगी और सब
विलाप करेंगें |
अमोस 8:8
4- तुम्हारे परबों के उत्सव
दूर होगे,
जैसे: खजूर रविवार, पैर
धोने की रस्म Maundy
शुभ शुक्रवार, ईस्टर
रविवार |
अमोल 8:10
5- परमेश्वर के वचन को
सुनने का अकाल और
अाराधनालयों में
अाराधना बन्द |
अमोल 8:11
6- सुन्दर कुवारीयां और
जवान पुरुष निरूत्साहित
होगा | अमोस 8:13
7- विवाह स्थल बन्द, न कोई
हर्ष न आनन्द का शब्द |
यिमयाह 16:9
8- लोथ भूमि पर खाद की
तरह पड़े रहगे |
यिमयाह 16:4
9- मृत्यु के लिए कोई
सांत्वना नही न शांति की
प्रार्थना, प्रार्थना सभाऐं
बन्द | यिमयाह 16:17
10- अकेला बैठना
यिमयाह 15:17
11- अपने कोठरी के
किवाड़ो को बन्द करो
यशायाह 26:20
12- मनुष्यों की घमड़ी
आँखें और घमंड दूर
किया जाएगा |
यशायाह 2:11
उपरोक्त घटनाएं वर्तमान की स्थिति को वचन के द्वारा प्रामाणित करती हैं | और प्रभु ने कहा जो वचन मेरे मुख से निकलता है वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लाैटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिए मैं ने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा!!
यशायाह 55:11
यीशु मसीह ही प्रभु हैं |
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