बाइबल में इराक का महत्व
बहुत ही रोचक, भावुक और शिक्षाप्रद।
* क्या आप जानते हैं?
1. अदन का बगीचा (Garden of Eden) इराक में था।
2. मेसोपोटामिया (जो अब इराक है) सभ्यता की जन्मस्थली था।
3. नूह ने जहाज़ (Ark) इराक में बनाया।
4. बाबेल का गुम्मट (Tower of Babel) इराक में था।
5. अब्राहम दक्षिणी इराक के ऊर (Ur) नगर से था।
6. इसहाक की पत्नी रिबका नहोर (Nahor) से थी, जो इराक में है।
7. याकूब ने राहेल से मुलाकात इराक में की।
8. योना ने नीनवे (Nineveh) में प्रचार किया, जो इराक में है।
9. इराक के अश्शूर (Assyria) ने इस्राएल के दस गोत्रों को जीत लिया।
10. आमोस ने इराक में पुकार की।
11. इराक के बाबुल (Babylon) ने यरूशलेम को नष्ट किया।
12. दानिय्येल शेरों की मांद में इराक में था।
13. तीन इब्रानी युवक आग की भट्टी में इराक में थे।
14. बाबुल के राजा बेलशज्जर ने “दीवार पर लिखावट” इराक में देखी।
15. बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने यहूदियों को बंदी बनाकर इराक ले गया।
16. यहेजकेल ने इराक में प्रचार किया।
17. ज्योतिषी (Wise Men) इराक से आए।
18. पतरस ने इराक में प्रचार किया।
19. प्रकाशितवाक्य में वर्णित “मनुष्य का साम्राज्य” बाबुल कहलाता है, जो इराक का एक नगर है।
* और क्या आप जानते हैं?
बाइबल में सबसे अधिक उल्लेख इस्राएल का है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दूसरा सबसे अधिक उल्लेख किस देश का है? वह है इराक!
हालाँकि बाइबल में इसका नाम “इराक” नहीं है। बाइबल में इसे बाबुल, कसदी (Chaldea), शिनार (Shinar), और मेसोपोटामिया कहा गया है।
मेसोपोटामिया का अर्थ है “दो नदियों के बीच”, अर्थात टिगरिस (Tigris) और यूफ्रेटीस (Euphrates) नदियों के बीच का क्षेत्र।
इराक का अर्थ है “गहरी जड़ों वाला देश” — और वास्तव में, यह एक गहरी ऐतिहासिक जड़ों वाला देश है और बाइबल में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
यहाँ कारण हैं:
👉 अदन इराक में था — उत्पत्ति 2:10-14
👉 आदम और हव्वा की सृष्टि इराक में हुई — उत्पत्ति 2:7-8
👉 शैतान पहली बार इराक में प्रकट हुआ — उत्पत्ति 3:1-6
👉 निम्रोद ने बाबुल की स्थापना की और बाबेल का गुम्मट इराक में बना — उत्पत्ति 10:8-9; 11:1-4
👉 भाषाओं का भ्रम इराक में हुआ — उत्पत्ति 11:5-11
👉 अब्राहम इराक के एक नगर से आया — उत्पत्ति 11:31; प्रेरितों के काम 7:2-4
👉 इसहाक की पत्नी इराक से आई — उत्पत्ति 24:3-4, 10
👉 याकूब ने 20 वर्ष इराक में बिताए — उत्पत्ति 27:42-45; 31:38
👉 पहला विश्व साम्राज्य इराक में था — दानिय्येल 1:1-2; 2:36-38
👉 इतिहास का सबसे बड़ा जागरण (revival) इराक के एक नगर में हुआ — योना 3
👉 एस्तेर की पुस्तक की घटनाएँ इराक में हुईं — एस्तेर
👉 नहूम की पुस्तक इराक के एक नगर के विरुद्ध भविष्यवाणी है — नहूम
👉 प्रकाशितवाक्य में बाबुल के विरुद्ध भविष्यवाणी है — प्रकाशितवाक्य 17-18
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इस्राएल के अलावा कोई भी राष्ट्र इराक जितना इतिहास और भविष्यवाणी में उल्लेखित नहीं है।
क्या यह आश्चर्यजनक नहीं है? 🤔
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